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मुक्त और दूरस्थ शिक्षा
उच्च शिक्षा पाने के लिए नाम दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों में से करीब आधे दूरस्थ माध्यम से यानि मुक्त विश्वविद्यालयों या पारंपरिक विश्वविद्यालयों के पत्राचार पाठयक्रमों के माध्यम से पढ़ रहे हैं। किन्तु दूरस्थ शिक्षा से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और उपयुक्त नौकरियों में प्रवेश मिलने की स्थिति को लेकर कुछ सवाल बाकी हैं। मुक्त पाठय सामग्री का इस्तेमाल करने के लिए अभूतपूर्व अवसर मौजूद हैं। मुक्त पाठय सामग्री के प्रसार के लिए आवश्यक ब्रॉडबैंड और इंटरनेट सुविधाओं का बहुत अधिक विकास हुआ है लेकिन इसे अभी और विकसित करना होगा। इतना ही नहीं राष्ट्रीय विशेषज्ञ ऐसी सामग्री का भंडार तैयार कर सकते हैं, जिसे सभी संस्थाओं में इस्तेमाल किया जा सके।
राष्ट्रीय ज्ञान आयोग निम्नलिखित कुछ विषयों पर विचार कर रहा है:
- दूरस्थ शिक्षा के लिए सबसे उन्नत टैक्नॉलॉजी का इस्तेमाल;
- वर्च्युल कक्षाएँ स्थापित करने के लिए ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्टिविटि;
- देश में मुक्त पाठय सामग्री और संसाधनों के भंडारों का फैलाव;
- ओसीडब्ल्यू के विकास में उद्योग की भागीदारी, मान बनाना और विभिन्न विधाओं को आपस में जोड़ना।
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